चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब उपस्थिति के आधार पर बच्चों को स्कॉलरशिप मिलेगी. जो बच्चे जितने दिन अनुपस्थित रहेंगे यानी स्कूल में नहीं आएंगे तो उसे हिसाब से उनकी छात्रवृत्ति की राशि काट ली जाएगी. अवकाश के लिए अभिभावकों को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर अनिवार्य रूप से प्रार्थना पत्र भेजना होगा वरना बच्चे को अनुपस्थित माना जाएगा.
बिना सूचना दिए बच्चों के लगातार तीन दिन अनुपस्थित रहने पर क्लास टीचर को बच्चों के अभिभावक से संपर्क करना होगा और उनसे प्राप्त जानकारी को रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा. इसी के साथ अगर लगातार सात दिन तक अनुपस्थित रहता है बच्चा तो विद्यार्थी के बारे में एम आई एस पोर्टल पर सूचना देनी होगी और 10 दिन से अधिक अनुपस्थिति पर ड्रॉपआउट कैटेगरी के अलग रजिस्टर में बच्चे का नाम दर्ज करना होगा. यदि कोई छात्र स्कूल में दोबारा प्रवेश के लिए आवेदन करता है तो उसे बिना किसी शुल्क के अविलंब प्रवेश दिया जाएगा।
नया नियम बनाया गया
प्रदेश सरकार ने राजकीय विद्यालयों की कक्षाओं में कम उपस्थिति पर चिंता जताते हुए प्रधानाचार्ययों और शिक्षकों की जवाब देही तय की है औचक निरीक्षण में पाया गया कि विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रहती है विद्यालय प्रमुखों व शिक्षक संगठनों द्वारा रिपोर्ट भी दी गई कि सीखने के निम्न स्तर का एक प्रमुख कारण विद्यार्थियों की अत्यधिक कम उपस्थिति है इसलिए अब नया नियम बनाया गया है.
कमजोर प्रदर्शन वाले 220 स्कूलों से माँगा जवाब
निपुण हरियाणा के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में जनगणना आधारित मूल्यांकन में सभी जिलों में फिसडडी रहे 10-10 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है इन स्कूलों के विद्यार्थियों का शिक्षण स्तर अपेक्षित मानकों से अत्यंत कम पाया गया है इसलिए कमजोर प्रदर्शन वाले 220 स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
